Words do matter.

Our lives begin to end the day we become silent
about things that matter~ martin luther king
Words heal..
Words reassure..
Words express...

#29 अब तो बस ख़ामोशी से मरना ही है बाकी..

टूट तो चुकी हूँ, पर बिखरना नही चाहती..
तन्हा तन्हा रहती हूँ, पर संवारना नही चाहती..
बस अब बहुत जी ली ये दर्द भरी ज़िंदगी..
अब तो बस ख़ामोशी से मरना ही है बाकी..